गुरुवार, 17 जनवरी 2013

मैथिली आयोजनमे प्रथम बेर विदेशक राष्ट्रपतिक आगमन

मैथिली जगतक लेल अभूतपूर्व घटना छल जे कोनो दोसर देशक राष्ट्राध्यक्ष [ राष्ट्रपति ]  मैथिली आयोजनमे आबि ओकर मान बढ़ाबथि. एहन आयोजन एखन तक कहियो नै भेल छल. मैथिली रंगमंच एहि प्रथम उपलब्धि के प्राप्त क मैथिली साहित्य जगतमे अपन प्रतिबध्यता के एक बेर पुन: मजबूती स स्थापित केलक अछि. मानल जा सकैत अछि जे नेपालक मैथिलीक कोनो आयोजनमे नेपालक राष्ट्रपति डॉ. राम बरण यादव जी आयल होयताह. भारतक मैथिली आयोजनमे सेहो संभवत: भारतक राष्ट्रपति आयल होयताह . मुदा मैथिलीक आयोजनमे कोनो विदेशक राष्ट्रपतिक पदार्पणक ई प्रथम आयोजन मैथिली रंग जगत के हाथ अयलन्हि.


हम व्यक्तिगत रूपे सेहो हर्षित छी जे ई सौभाग्य हमर रेपर्टरी मैथिली लोक रंग [ मैलोरंग ] के प्राप्त भेलैक. आगू एहन दिव्य आयोजन फेर होतय से सम्भावना निश्चित रूपे मैलोरंग अपना डायरीमे टीप चुकल अछि मुदा अपन आयोजनमे अपन पाहुनक रूपमे कोनो दोसर देशक राष्ट्रपति के आनि पाओत से संदेह बनि गेल छैक.


हमरामे अपन मैथिल समाज विश्वास बनेने छथि ताहि लेल हम सम्पूर्ण मैथिली जगतक आगू नतमस्तक छी. 

'इण्डियन मेथड इन एक्टिंग' भेल लोकार्पित


आई दिनांक 17 जनवरी, 2013 दिनक एक बजे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के अंतरमुख सभागारमे सुप्रसिद्ध रंगनिर्देशक श्री प्रसन्ना लिखित पुस्तक इण्डियन मेथड इन एक्टिंग विमोचन सुप्रसिद्ध अभिनेता [ पद्मश्री ] इरफान खान द्वारा कयल गेल । ई पुस्तक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालयक प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित कयल गेल अछि । पुस्तक अभिनयक प्रशिक्षण लेनिहार छात्र लोकनि लेल अत्यंत उपयोगी होयत । श्री प्रसन्ना अपन छात्रक प्रिय शिक्षक रहलाह अछि संगहि अपन गप्प के आसान स आसान तरीका मे कोना बुझाओल जाय ताहि मे हिनका महारथ हाशिल छनि । पुस्तकक मूल्य हार्ड बॉण्ड मे 350 टाका अछि । भरि भारत रंग महोत्सव ई पुस्तक आधा दाम मे उपलब्ध होयत

पुस्तक लोकर्पण समारोह मे मंच पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के अध्यक्ष श्रीमती अमाल अल्लाना, निदेशक सुश्री अनुराधा कपूर, पुस्तक लेखक श्री प्रसन्ना आ मुख्य अतिथि श्री इरफान खान छलाह.

आयोजन संचालन अभिनेता श्री आसिफ अली हैदर खान रहल छलाह ।

ओना त अंतरमुख सभागार छोट अछि मुदा तैयो ई वरीष्ठ रंगकर्मी लोकनि स नीक जेना भरल छल ।   

ई कतेक खुशीक बात अछि जे प्रसन्ना जीक छात्र इरफान खान के हुनक पुस्तक लोकार्पण करबा लेल आमंत्रित कयल गेलन्हि । जँ अपन शिश्य वा कि अनुचर वा कि अनुज काबिल हुए त हुनका सम्मान देबाक चाही से गप्प हमरा समाज के सेहो सिखबाक चाही । आए मंच पर अपन गुरुक पुस्तक लोकार्पित करैत अत्यंत खुशी महसूस क रहल छलाह इरफान.