बुधवार, 28 अप्रैल 2021

ऋषि बशिष्ठ जीक ‘सिया’ के सकल देखैत

मर सभहक पीढ़ीक रंगकर्मीमे किछुए व्यक्ति एहन भेलाह, 

जिनका मैथिली साहित्यसँ सहो आकर्षण भेलन्हि । संगहि ई लोकनि साहित्य सृजनमे सेहो समर्पणसंग योगदानक’ रहलाह अछि । एहन रंगकर्मीमे प्रमुख नाम छथि - ऋषि बशिष्ठ । हमरा लेल गौरवबोध अछि, जे मैथिली रंग संसारक हमर प्रथम मित्र छथि ऋषि बशिष्ठ । तेँ हिनकर सृजन यात्राक हम अपनाकेँ प्रत्यक्षदर्शी मानि गौरवान्वित होइत छी ।


 

अपन बाल्येवस्थासँ रंगमंचपर चढ़निहार ऋषि बशिष्ठ; विभिन्न रंग संस्थासंग जूड़ि आगू बढ़ैत नाट्यशास्त्रमे एम. ए. तक दक्षता प्राप्त छथि ।  जहियासँ साहित्य रचना दिस अग्रसर भेलाह त’ अपन शुरुआत बाल