आज के संदर्भ में दिल्ली कला एवं संस्कृति का केन्द्र है. आपको हमेशा ही देश के विभिन्न कला - संस्कृति को देखने - परखने का अवसर मिलता रहता है. दिल्ली सरकार की हिन्दी अकादमी दिनांक 8 से 11, 2012 तक लोक बिम्ब नाम से लोक सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन कर रहा है. यह आयोजन सुरताल ओपन थिएटर, ताल कटोरा मैदान, नई दिल्ली - 01 में सायं 6.00 बजे से रखा गया है.
इस आयोजन में आप राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश की लोक सांस्कृतिक झलकी देख सकते हैं. इन चार दिनों में मरुवाद्य, चरी, घूमर, चकरी, सिद्दी धमाल, सकाई, चांदला, होली डांण, ब्रज का रसिया, नाचा, करमा पंछी, राउतनाचा, ददरिया, देवार करमा, खोड़िया, बीजना, घोड़ी नृत्य, रागनी, विवाह बीन, प्रहसन, गोरिया, लुड्डी, वीर नारसिंह की छाया, बुढड़ा आदि लोक रंजक सांस्कृतिक देखने का अवसर मिलेगा.
इस आयोजन में आप राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश की लोक सांस्कृतिक झलकी देख सकते हैं. इन चार दिनों में मरुवाद्य, चरी, घूमर, चकरी, सिद्दी धमाल, सकाई, चांदला, होली डांण, ब्रज का रसिया, नाचा, करमा पंछी, राउतनाचा, ददरिया, देवार करमा, खोड़िया, बीजना, घोड़ी नृत्य, रागनी, विवाह बीन, प्रहसन, गोरिया, लुड्डी, वीर नारसिंह की छाया, बुढड़ा आदि लोक रंजक सांस्कृतिक देखने का अवसर मिलेगा.

Badd Prashannat Bhel..
जवाब देंहटाएंHum sab jaroor aayab.
Regards,
Vibhay Jha