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कविता पाठ करैत युवा कवि श्री अविनाश
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| कविता पाठ करैत युवा कवि श्री रमण कुमार सिंह |
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कविता पाठ करैत युवा कवि श्री अरुणाभ सौरभ
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अपन समकालीन युवा पीढ़ीक सक्रियता आ सृजनशीलता स’ प्रफुल्लित होयब आनंदित करैत अछि । संगहि अदृश्य ऊर्जाक संचार सेहो । साहित्यिक सृजनक गप्प होइ वा कि पत्रकारिताक, चलचित्रक माध्यम होइ या कि संगीत नृत्यक माध्यम । कथा लेखन होइ वा कि कविताक सृजन ।
प्राय: सब विधा मे आजुक युवा पीढ़ीक सशक्त उपस्थिति झलैक रहल अछि । पिछला 27 अगस्त, 2013 क’ एहने युवा सृजनशीलक आयोजन मे जयबाक सू-अवसर भेटल । साहित्य अ...कादेमी, दिल्ली द्वारा युवा साहिति नामक आयोजन प्राय: प्रति महीना कयल जाइत छैक । एहि बेर मैथिली भाषाक हमर युवा कवि लोकनि अपन रचनाक संग उपस्थित छलाह । एहि तीनू युवा मित्र मे श्री अविनाश, श्री रमण कुमार सिंह आ श्री अरुणाभ सौरभ जी आमंत्रित रहथि । प्रथमत: युवा कवि श्री अविनाश अपन रचनाक पाठ केलन्हि । अदौड़ी सन भेल अछि मोन, नद्दीक कात मे, हम छी कमलाकांत आदि रचनाक पाठक संग किछु गीत सेहो अविनाश जी सुनौलन्हि । आब श्री रमण कुमार सिंह जी अपन रचनाक संग अयलाह । जाहि मे मित्र अहाँक पाइर प्रमुख छल ।
अंत मे श्री अरुणाभ सौरभ जी अपन कविता रॉकेट स्वप्न स’ रचना पाठ प्रारम्भ केलन्हि । तकरा बाद एक प्रेम पत्रक मादे, एतबेटा नहि, कोका चिरौतना, सम्भवामि युगे, युगे, स्व. पारसमणि झा, शहीद तिलकामाझी आदि आदि कविताक पाठ केलन्हि ।
कविता सुनबाक लेल बहुत कम मैथिली भाषी प्रेक्षागृह मे उपस्थित छलाह मुदा जे छलाह से सुच्चा सांस्कृतिक लोक छलाह । तेँ लोकक कम उपस्थिति आयोजन केँ प्रभावित नहि क’ सकल । अपन समकालीन तीनू युवा रचनाकार के बधाइ ।
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