गुरुवार, 5 सितंबर 2013

हमर युवा पीढ़ी : अविनाश, रमण कुमर सिंह आ अरुणाभ सौरभ


कविता पाठ करैत युवा कवि श्री अविनाश
 
कविता पाठ करैत युवा कवि श्री रमण कुमार सिंह


कविता पाठ करैत युवा कवि श्री अरुणाभ सौरभ
 
अपन समकालीन युवा पीढ़ीक सक्रियता आ सृजनशीलता स’ प्रफुल्लित होयब आनंदित करैत अछि । संगहि अदृश्य ऊर्जाक संचार सेहो । साहित्यिक सृजनक गप्प होइ वा कि पत्रकारिताक, चलचित्रक माध्यम होइ या कि संगीत नृत्यक माध्यम । कथा लेखन होइ वा कि कविताक सृजन ।
 प्राय: सब विधा मे आजुक युवा पीढ़ीक सशक्त उपस्थिति झलैक रहल अछि । पिछला 27 अगस्त, 2013 क’ एहने युवा सृजनशीलक आयोजन मे जयबाक सू-अवसर भेटल । साहित्य अ...कादेमी, दिल्ली द्वारा युवा साहिति नामक आयोजन प्राय: प्रति महीना कयल जाइत छैक । एहि बेर मैथिली भाषाक हमर युवा कवि लोकनि अपन रचनाक संग उपस्थित छलाह । एहि तीनू युवा मित्र मे श्री अविनाश, श्री रमण कुमार सिंह आ श्री अरुणाभ सौरभ जी आमंत्रित रहथि । प्रथमत: युवा कवि श्री अविनाश अपन रचनाक पाठ केलन्हि । अदौड़ी सन भेल अछि मोन, नद्दीक कात मे, हम छी कमलाकांत आदि रचनाक पाठक संग किछु गीत सेहो अविनाश जी सुनौलन्हि । आब श्री रमण कुमार सिंह जी अपन रचनाक संग अयलाह । जाहि मे मित्र अहाँक पाइर प्रमुख छल । 
 
अंत मे श्री अरुणाभ सौरभ जी अपन कविता रॉकेट स्वप्न स’ रचना पाठ प्रारम्भ केलन्हि । तकरा बाद एक प्रेम पत्रक मादे, एतबेटा नहि, कोका चिरौतना, सम्भवामि युगे, युगे, स्व. पारसमणि झा, शहीद तिलकामाझी आदि आदि कविताक पाठ केलन्हि ।
कविता सुनबाक लेल बहुत कम मैथिली भाषी प्रेक्षागृह मे उपस्थित छलाह मुदा जे छलाह से सुच्चा सांस्कृतिक लोक छलाह । तेँ लोकक कम उपस्थिति आयोजन केँ प्रभावित नहि क’ सकल । अपन समकालीन तीनू युवा रचनाकार के बधाइ ।

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